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महान शतरंज प्रशिक्षक ,लेखक मार्क द्वोरेत्स्की नहीं रहे

by निकलेश जैन - 26/09/2016

कुछ लोग अपने जीवन में खुद के द्वारा हासिल की गयी ऊंचाइयों के लिए जाने जाते है  और ऐसे लोगो को हम सफल कहते है ,तो कुछ बिरले अपना सारा जीवन किसी खास उद्देश्य के लिए समर्पित कर देते है ,ये लोग दूसरों को सफल बनाने के लिए कार्य करते है ऐसे लोग महान कहलाते है । 

विश्व शतरंज जगत स्तब्ध है ,महान मार्क द्वोरेत्स्की जिन्हे सदी का सबसे बेहतरीन शतरंज प्रशिक्षक ,लेखक और शतरंज वैज्ञानिक भी कहा जाए तो गलत नहीं होगा , अब इस दुनिया में नहीं रहे , आज मॉस्को में उनका 69 वर्ष की आयु में देहांत हो गया अपना सारा जीवन शतरंज को समर्पित कर देने वाले मार्क ने खेलने की बजाय प्रशिक्षण को वरीयता दी और विश्व भर में उनकी किताबों को पढ़ना जैसे हर खिलाड़ी के लिए अनिवार्य समझा जाने लगा । आज शतरंज जगत ने आज अपना एक अनमोल हीरा खो दिया । ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे । भाव भीनी श्रद्धांजली । 



महान प्रशिक्षक ,लेखक मार्क द्वोरेत्स्की (1947 - 2016)

मैं कभी उनसे नहीं मिल सका शायद मुझे हमेशा इस बात का अफसोस रहेगा पर मेरी उनसे पहचान विश्व के अधिकतर खिलाड़ियों की तरह उनकी किताबों से ही ज्यादा रही  उनकी किताबों को पढ़ने का मतलब आधुनिक शतरंज में  आगे बढ्ने की अनिवार्य शर्त  जैसा है उनकी समझ खेल के प्रशिक्षण और लेखन के मामले में  निर्विवाद रूप से इस सदी की सर्वश्रेस्ठ रही । उन्हे शतरंज के विकास के लिए हमेशा याद किया जाएगा या यूं कहे वो शतरंज के ही साथ हमेशा के लिए अमर हो गए । 

मार्क का जन्म 9 दिसंबर 1947 में मॉस्को में हुआ था । 1972 में अपनी पढ़ाई गणित और अर्थशास्त्र  में पूरी करने के बाद उन्होने शतरंज प्रशिक्षक के तौर पर बोटविनिक शतरंज स्कूल में कार्य करना शुरू किया ।  

  मार्क द्वोरेत्स्की नें वालेरी चेचोव ,नाना अलेक्सन्द्रिय ,सेरगे डोलमटोव ,अलेक्सी ड्रीव और अर्टुर जसुपोव जैसे दिग्गज खिलाड़ी शतरंज जगत को दिये । इसके साथ ही कुछ समय के लिए गैरी कास्पारोव ,विश्वनाथन आनंद ,वेसलिन टोपालोव ,एवगेनय बारीव , विक्टर बोलोगन और लोएक वान वेली और जाने कितने दिग्गज खिलाड़ियों को कभी न कभी प्रशिक्षण दिया ।  

 

वो अपने विद्यार्थियों को एक ही स्थिति में दोनों तरफ से हराकर चौंका देते थे , वो इंटरनेशनल मास्टर और फीडे सीनियर ट्रेनर थे उनकी एंडगेम मेनुएल सबसे ज्यादा पढे जाने वाली किताब रही ।
चेबबेस इंडिया के संस्थापक सागर शाह और उनकी पत्नी इसी वर्ष मार्च में उनसे मॉस्को में मिले थे 

 

हमेशा अपने सज्जन व्यवहार के लिए जाने वाले महान मार्क द्वोरेत्स्की को उनके शतरंज खेल के प्रति समर्पण के लिए सादर नमन !

ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे । भाव भीनी श्रद्धांजली। 

 

निकलेश जैन 






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