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आखिरकार बदल गए विश्व चैंपियनशिप के नियम

by Niklesh Jain - 13/05/2019

जी हाँ दोस्तो विश्व शतरंज संघ ( फीडे ) नें आगामी विश्व शतरंज चैंपियनशिप के नियमों में बड़ा बदलाव किया है और यह बदलाव कुछ ऐसे है जो निश्चित तौर पर विश्व चैंपियनशिप को रोचक तो बनाएँगे ही साथ ही साथ अब मैच में परिणाम निकलने की संभावना बढ़ गयी है ,या यूं कहे बेहतर खिलाड़ी इस मैच में साफ निखरकर सामने आएगा । फीडे नें ना सिर्फ टाइम कंट्रोल में परिवर्तन किया है बल्कि मैच के अनिर्णीत रहने की संभावना को घटाया भी है । पुरुष्कार राशि को भी एक स्तर पर पहुंचा दिया है । मैच की संख्या में भी इजाफा कर दिया गया है । महिला विश्व चैंपियनशिप को भी पुरुषो की विश्व चैंपियनशिप की तर्ज में अब आयोजित किया जाएगा । पढे यह लेख ..



दोस्तो आपको कार्लसन और करूआना के बीच खेली गयी विश्व शतरंज चैंपियनशिप तो याद होगी जब सभी 12 क्लासिकल मुक़ाबले ड्रॉ हो गए थे और परिणाम टाईब्रेकर से सामने आया था या यूं कहे की क्लासिकल विश्व चैंपियनशिप के विजेता का फैसला रैपिड और ब्लिट्ज़ से हुआ था 

सभी मुक़ाबले ड्रॉ होने का असर कुछ यूं हुआ की दुनियाभर से शतरंज प्रेमी और खेल विशेषज्ञों नें इसकी आलोचना की थी क्यूंकी इसे खेल के प्रचार प्रसार के लिए अच्छा नहीं माना गया था 

 

विश्व शतरंज चैंपियनशिप के इतिहास मे सभी मैच के ड्रॉ हो जाने का यह अपने आप में पहला मौका था 

 

कार्लसन और कार्याकिन के बीच हुई विश्व चैंपियनशिप का निर्धारण भी टाईब्रेक से हुआ था 

हालांकि इस विश्व चैंपियनशिप में 12 में से 2 क्लासिकल मैच के परिणाम निकले थे 

पर इन सब के बावजूद अगर हम देखे तो पिछली दो विश्व चैंपियनशिप में खेले गए 24 क्लासिकल मुकाबलो में 22 मुक़ाबले ड्रॉ रहे है । ऐसे में फीडे नें विश्व चैंपियनशिप के नियमों में बड़े बदलाव कर इसमें जान फूंकने की कोशिश की है 

फीडे प्रेसिडेंट अरकादी द्वोर्कोविच नें इन नियमों के बदलाव में प्रमुख भूमिका निभाई है 

12 की जगह होंगे 14 मुक़ाबले 

2019-20 से  विश्व चैंपियनशिप में अब 14 क्लासिकल मुक़ाबले खेले  जायेंगे रेस्ट डे अब 6 की जगह 5 कर दिये गए है

बदले ड्रॉ के नियम 

अब काले की 40 वी चाल के पहले मैच ड्रॉ नहीं खेले जाएंगे मतलब कोई भी ड्रॉ सहमति से नहीं हो सकेगा 40 चालों के पहले जो की परिणाम की संभावना को बढाता है । 

टाइम कंट्रोल 

टाइम कंट्रोल मे बड़ा बदलाव किया गया है  अब पहली 40 चालों के लिए 120 मिनट दिये जाएंगे पर बिना किसी इंक्रेमेंट के 60 मिनट और दिये जाएँगे अगली 20 चालों के लिए और अगर 60 चाल के बाद भी मैच चला तो फिर तो 15 मिनट और 30 सेकंड प्रति चाल का टाइम कंट्रोल मिलेगा

पुरुष्कार राशि 

2 मिलियन डॉलर होगी पुरूष्कार राशि  और जीतने वाले खिलाड़ी को 60 % और हारने वाले को 40% मिलेगी टाईब्रेकर आने पर यह औसत 55% और 45 % हो जाएगा महिला विश्व चैंपियनशिप मे 12 मैच होंगे और पुरूष्कार राशि अब 2 लाख यूरो की जगह 5 लाख यूरो होगी

 

देखे यह सारी जानकारी और आसान शब्दो में हमारे शतरंज समाचार के 32 वे अंक में 

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