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मृदुल देहांकर बनी महिला ग्रांडमास्टर टूर्नामेंट विजेता

by Niklesh Jain - 20/11/2019

भारतीय महिला शतरंज को एक नई ऊंचाई देने के अखिल भारतीय शतरंज संघ के इस वर्ष किए गए प्रयास सचमुच सराहनीय रहे है । भारतीय खेल प्राधिकरण के सहयोग से इस वर्ष फरवरी में चेन्नई से शुरू हुए महिला ग्रांड मास्टर टूर्नामेंट नें अहमदाबाद में अपना अंतिम पड़ाव पूरा किया और इस दौरान दिव्या देशमुख और मृदुल देहांकर जैसे खिलाड़ियों नें अपने प्रदर्शन से इस प्रयास की सफलता सुनिश्चित की । अच्छी पुरूष्कार राशि के साथ विदेश की बड़ी महिला खिलाड़ियों को आमंत्रित करना और इस तरह के मुक़ाबले आयोजित करना एक बेहद ही अच्छा कदम कहा जा सकता है और उम्मीद है यह प्रयास यूं ही जारी रहेगा । खैर बात करे अहमदाबाद के मुक़ाबले की तो यहाँ नागपुर की मृदुल देहांकर नें खिताब जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया और 1,60,000 रुपए के पुरूष्कार पर कब्जा जमाया । कुल 11 राउंड में से 9 अंक बनाकर वह विजेता बनी । गुजरात शतरंज संघ नें एक बार फिर अपनी बेहतरीन आयोजन क्षमता का नमूना इस प्रतियोगिता से दिया । पढे  यह लेख । 



भारतीय खेल प्राधिकरण और अखिल भारतीय शतरंज संघ के महिला शतरंज को आगे बढ़ाने के सयुंक्त प्रयास के तहत अहमदाबाद में 6 देशो की 12 महिला ग्रांड मास्टर और इंटरनेशनल मास्टर के मध्य आयोजित हुए एआईसीएफ़ महिला ग्रांड मास्टर टूर्नामेंट का खिताब भारत की महिला इंटरनेशनल मास्टर मृदुल देहानकर ने जीत लिया ।

प्रतियोगिता के शीर्ष तीन - भारत की मृदुल देहांकर विजेता ( केंद्र ) , उपविजेता  वियतनाम की थी माई ( दायें ) और तीसरे स्थान पर रही उक्रेन की बॉबी ओल्गा!रोचक बात यह रही की अंतिम राउंड में इन तीनों खिलाड़ियों नें जीत दर्ज करते हुए यह स्थान पाया 
प्रतियोगिता में राउंड रॉबिन आधार पर कुल 11 राउंड खेले गए जिसमें मृदुल नें 7 जीत दो ड्रॉ और दो हार के साथ कुल 8 अंक बनाए । प्रतियोगिता में ,प्रत्युषा बोदा और अंतिम निर्णायक राउंड में आकांक्षा हागवाने के उपर अपनी जीत के मुक़ाबले मृदुल नें हमारे स्थान बांटे 

आकांक्षा भी यह खिताब जीत सकती थी पर अंतिम राउंड में हार नें उन्हे चौंथे स्थान पर पहुंचा दिया 

7 अंको पर तीन खिलाड़ी रहे पर बेहतर टाईब्रेक के आधार पर वियतनाम की महिला ग्रांड मास्टर थी माई दूसरे स्थान पर रही अंतिम राउंड में उन्होने जॉर्जिया की अना गावशेली को पराजित किया 

उक्रेन की महिला ग्रांडमास्टर बॉबी ओल्गा तीसरे स्थान पर रही उन्होने अंतिम राउंड में वियतनाम की फुओंग लौंग को हराया जो खुद दूसरे स्थान की सबसे बड़ी दावेदार थी , विजेता बनी मृदुल के साथ उनका मुक़ाबला नौवे राउंड में ड्रॉ रहा था 

सभी खिलाड़ियों को बेहतरीन ट्रॉफियाँ से सम्मानित किया गया साथ है गुजरात संघ के सचिव भाई भावेश पटेल 

भारत की आकांक्षा हागवाने को चौंथे स्थान से संतोष करना पड़ा । 6.5 अंक बनाकर वियतनाम की फुओंग लौंग पांचवे ,5.5 अंक बनाकर भारत की प्रत्युशा बोदा छठे तो प्रियांका नुताकी सातवे स्थान पर रही ,5 अंक बनाकर जॉर्जिया की अना गावशेली आठवे ,4.5 अंक बनाकर मंगोलिया की अलतान उलजी नौवे तो भारत की ए हर्षिनी दसवे स्थान पर रही । 4 अंक बनाकर उजबेकस्तान की कुर्बोनोएवा सर्विनोज ग्यारहवे तो भारत की तनिशा कोटिया अंतिम बारहवें स्थान पर रही । विजेताओं को कुल 10 लाख रुपेय के पुरुषकार वितरित किए गए ।

भारत में हुई किसी भी महिला ग्रांड मास्टर राउंड रॉबिन टूर्नामेंट की यह अब तक की सबसे बड़ी पुरुष्कार राशि रही 

 

 

फ़ाइनल रैंकिंग 






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